SSC CGL 2024

SSC CGL 2024: अभ्यर्थियों ने परिणामों में गड़बड़ी का लगाया आरोप, अंतिम उत्तर कुंजी जारी करने की मांग तेज

SSC CGL 2024: अभ्यर्थियों ने परिणामों में गड़बड़ी का लगाया आरोप, अंतिम उत्तर कुंजी जारी करने की मांग तेज

नई दिल्ली: SSC CGL 2024 के फाइनल रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। #SSCCGL2024 ट्रेंड कर रहा है और हजारों अभ्यर्थियों ने परिणामों में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। मुख्य शिकायत नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर है, जिसे अभ्यर्थी “अस्पष्ट और पक्षपातपूर्ण” बता रहे हैं। उन्होंने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) से फाइनल आंसर की (Final Answer Key) और सभी अभ्यर्थियों के वास्तविक अंकों (Raw Marks) को जारी करने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में एसएससी ने सीजीएल 2024 के फाइनल रिजल्ट की घोषणा की, जिसमें 18,174 उम्मीदवारों को जनवरी में हुई टियर 2 परीक्षा के आधार पर योग्य घोषित किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया में टियर 1 लिखित परीक्षा, टियर 2 परीक्षा, दस्तावेज़ सत्यापन और स्किल टेस्ट शामिल थे।

लेकिन परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद, कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि जिन उम्मीदवारों के कच्चे अंक (raw marks) कम थे, उन्हें नॉर्मलाइजेशन के बाद ज़्यादा अंक मिले और उन्होंने बेहतर रैंक हासिल कर ली। इससे कई मेधावी छात्रों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

अभ्यर्थियों का आक्रोश

अभिषेक नाम के एक अभ्यर्थी ने कहा,
“कई योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी स्पष्ट कारण के बाहर कर दिया गया है। नॉर्मलाइजेशन के नाम पर अंकों के साथ छेड़छाड़ की गई है। हर बार की तरह, इस बार भी एसएससी ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। ये भर्ती प्रक्रिया इतनी अपारदर्शी क्यों है?”

एक अन्य अभ्यर्थी पूजा ने कहा,
“एक अभ्यर्थी को 299 अंकों पर चयन मिल जाता है, जबकि उसी शिफ्ट में कई अभ्यर्थी 320 या 330 अंकों के साथ भी चयन से वंचित रह जाते हैं। यह अन्याय कब तक चलेगा?”

एक गणित शिक्षक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“हर छात्र की बस एक ही मांग है—SSC CGL 2024 की फाइनल आंसर की और मार्क्स जारी किए जाएं। पारदर्शिता चाहिए, अनिश्चितता नहीं। SSC को तुरंत जवाब देना चाहिए!”

यूजर उमेद प्रताप सिंह ने एक्स पर विस्तार से लिखा,
“13 मार्च को आए SSC CGL 2024 के फाइनल रिजल्ट में कई छात्रों के मार्क्स नॉर्मलाइजेशन के बाद बहुत अधिक बढ़ गए, जबकि कुछ के बिल्कुल नहीं बढ़े। एक अभ्यर्थी को 96.7 अतिरिक्त अंक मिले, जबकि बाकी को कुछ भी नहीं। इतनी बड़ी असमानता कैसे हो सकती है? नॉर्मलाइजेशन एक बड़ा स्कैम है। सभी बड़ी परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में होनी चाहिए।”

नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया क्या है?

SSC CGL जैसी परीक्षाएं देशभर में कई शिफ्टों में होती हैं। चूंकि हर शिफ्ट में प्रश्नों की कठिनाई अलग-अलग हो सकती है, इसलिए नॉर्मलाइजेशन के जरिए अंकों को समायोजित किया जाता है ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले।

नॉर्मलाइजेशन क्यों किया जाता है?

  • कुछ शिफ्ट कठिन होती हैं, कुछ आसान।
  • सभी को बराबरी का मौका देने के लिए अंकों को समायोजित किया जाता है।
  • इससे फाइनल चयन में निष्पक्षता बनी रहती है।

निष्कर्ष

एसएससी सीजीएल 2024 के परिणामों को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग पोस्ट और शिक्षकों के बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि SSC को अब पारदर्शिता दिखाने की ज़रूरत है। फाइनल आंसर की और सभी अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक जारी करना अब आयोग की जवाबदेही बनती है।

You May Like: कैबिनेट सचिवालय भर्ती 2025: आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, वेतन और महत्वपूर्ण तिथियाँ